दादी का घर!

अगले दिन रवानगी है। तभी बात ही बात में बच्चे अपनी माँ से पूछ बैठते हैं, “कल दादी के घर पहुँच जायेंगे न?” …
असली सास-बहू ऐसी होती हैं, टीवी सीरियलों वाले नकली और खोखले किरदारों से एकदम अलग। यह भारतीयता है, भारतीय आचार है, भारतीय परिवार है …