Rise and Speak – Equality for LGBTQIA

Each and every individual in this world has a sexual orientation irrespective of how he or she is perceived by the society. All people, regardless of their sexual orientation or gender identity, should be able to enjoy and exercise their human rights. Across the globe, there remain many instances where an individual’s sexual orientation or…

Dr. Devil

Should we honour the medical professionals on this Doctors’ day or boycott it altogether as a forbade to every corrupt doctor? It is obvious that every doctor has not succumbed to the temptation of profiteering in the medical world but where are they? Why don’t we hear about them? Even those indulging in private medical services tend to save lives but it is an act akin to an act of god. Is it justifiable the profession of healthcare to the fallen one?

दादी का घर!

अगले दिन रवानगी है। तभी बात ही बात में बच्चे अपनी माँ से पूछ बैठते हैं, “कल दादी के घर पहुँच जायेंगे न?” …
असली सास-बहू ऐसी होती हैं, टीवी सीरियलों वाले नकली और खोखले किरदारों से एकदम अलग। यह भारतीयता है, भारतीय आचार है, भारतीय परिवार है …

कदम-कदम बढ़ाए जा…

जब तक हिन्दुस्तान है तब तक “जय हिन्द” की गूँज कायम है, जब तक यह गूँज है तब तक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का चरित्र करोड़ों भारतीयों के ह्रदय को राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर प्रेरित करते रहने के लिए प्रकाशित है … यह देश जीता रहे, हमें आशीष देता रहे …

ख़ूनी हस्ताक्षर . .

आज़ाद हिन्द फ़ौज का गठन नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा भारतीय स्वातन्त्र्य संघर्ष के महनीय यज्ञ में दी गयी पूर्णाहुति के समान था। हजारों की सेना “दिल्ली चलो” के उद्घोष के साथ बर्मा के रास्ते मणिपुर की तरफ कूच कर गयी थी और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” जैसे आह्वान को सुनकर उन दिलेरों ने मानो भारत-माता के चरणों का लाल महावर से शृंगार ही किया था …
“मैं कफ़न बढ़ाता हूँ, आए, जो इसको हँसकर लेता हो..”