ख़ुदा की चाल

अगर सोचो हक़ीक़त में, ख़ुदा की चाल निकली तो.. हमारा साँस लेना क्या पता मालूम करना हो ! कि जैसे हम.. हर इक शय जाँचते हैं और परखते हैं.. ख़ुदा हमको बनाकर उम्र भर बस देखता हो तो ! अगर उसकी निगाहों में ग़लत शय हम भी निकले तब, हमारे साँस लेने का कोई मतलब…